Hisar Airport Inauguration: हरियाणा में 3 दिन बाद एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे मोदी, अब पंचायत विभाग के कर्मचारी बांटेंगे खाना

Hisar Airport Inauguration: हरियाणा के हिसार जिले में 14 अप्रैल को होने वाली भव्य BJP Rally अब चर्चा में है लेकिन इस बार कारण रैली का साइज या PM Narendra Modi की मौजूदगी नहीं बल्कि रैली में “खाना बांटने” को लेकर मचे बवाल से है। दरअसल प्रशासन ने शुरुआत में सरकारी टीचरों की ड्यूटी food packets गिनने और बांटने के लिए लगाई थी। लेकिन जब यह बात मीडिया के ज़रिए बाहर आई तो विरोध शुरू हो गया और अब प्रशासन को बैकफुट पर आना पड़ा है।
अब हिसार रैली में सरकारी स्कूलों के टीचर खाना नहीं बांटेंगे। यह फैसला Dainik Bhaskar की खबर सामने आने के बाद लिया गया जिसमें बताया गया था कि शिक्षकों को खाने की गिनती और वितरण में लगाया गया है। इसके बाद सोशल मीडिया (Facebook Instagram) पर भी खूब हंगामा मचा। शिक्षा विभाग की आलोचना हुई और अब प्रशासन ने यह जिम्मेदारी पंचायत विभाग को सौंप दी है।
पंचायत विभाग को सौंपी गई जिम्मेदारी
पंचायत विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि अब सरकारी टीचरों की बजाय पंचायत विभाग के कर्मचारी खाना गिनने और गाड़ियों में लोड करने का काम करेंगे। पहले जो काम टीचरों को सौंपा गया था अब वही काम पंचायत विभाग संभालेगा। उन्होंने साफ किया कि शिक्षा विभाग को रैली से बाहर रखा गया है और कोई भी शिक्षक अब इस रैली में ड्यूटी पर नहीं होगा।
यह कदम इसलिए भी जरूरी था क्योंकि हरियाणा स्कूल शिक्षक संघ (Haryana School Teachers’ Union) ने इस फैसले का विरोध करते हुए 16 अप्रैल को प्रदर्शन की चेतावनी दी थी। टीचरों का कहना था कि शिक्षा विभाग का काम पढ़ाना है रैली में खाना बांटना नहीं।
हिसार एयरपोर्ट उद्घाटन से जुड़ेगा ऐतिहासिक दिन
गौरतलब है कि 14 अप्रैल को PM Narendra Modi हिसार एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे और इसके बाद एयरपोर्ट ग्राउंड पर एक विशाल रैली को संबोधित करेंगे। यह रैली Ayodhya Flight Launch के चलते भी खास मानी जा रही है क्योंकि PM मोदी हिसार से अयोध्या के लिए पहली फ्लाइट को हरी झंडी दिखाएंगे।
इस मेगा इवेंट के लिए प्रशासन ने गांव-गांव से भीड़ लाने की पूरी तैयारी कर ली है। लगभग 1800 रोडवेज और प्राइवेट बसें लगाई गई हैं जो लोगों को रैली स्थल तक लेकर आएंगी। वहीं करीब 30000 खाने के पैकेट तैयार किए जा रहे हैं ताकि रैली में आने वाले लोगों को कोई असुविधा न हो।
टीचरों को पहले भेजा गया था DEO का पत्र
शुरुआत में हिसार के District Education Officer (DEO) को पत्र भेजा गया था जिसमें साफ तौर पर लिखा गया था कि TGT और PGT लेवल के टीचरों की ड्यूटी खाने के 30000 पैकेट बांटने के लिए लगाई जाए। रिपोर्ट के अनुसार एक टीचर को 5 से 10 हजार पैकेट की जिम्मेदारी दी गई थी।
यह आदेश जैसे ही वायरल हुआ टीचर्स और सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। सवाल उठने लगे कि आखिर सरकार शिक्षा विभाग को राजनीतिक रैली के काम में क्यों लगा रही है।
प्रशासन ने सफाई देते हुए कहा कि टीचरों को केवल खाना गिनने की जिम्मेदारी दी गई थी बांटने की नहीं। लेकिन जब विरोध नहीं थमा तो फैसला बदलना पड़ा।
रैली के लिए भव्य पंडाल
प्रधानमंत्री की रैली को ऐतिहासिक बनाने के लिए ग्राउंड पर जोरदार तैयारियां चल रही हैं। करीब 3.5 लाख स्क्वायर फीट में विशाल पंडाल लगाया जा रहा है। यह जिम्मेदारी फरीदाबाद के सूरजकुंड मेले की इवेंट कंपनी को सौंपी गई है जिसे रैली आयोजन का लंबा अनुभव है।
रैली स्थल पर 15 अलग-अलग सेक्टर बनाए गए हैं जिसमें से हर सेक्टर में 4 एंट्री गेट रखे गए हैं। यानी कि कुल 60 एंट्री गेट सिर्फ आम जनता के लिए होंगे। इसके अलावा VIP के लिए अलग व्यवस्था की गई है।
हिसार शहर को सजाने-संवारने का काम भी जोरों पर है। सड़कों की tarring चौक-चौराहों की सजावट दीवारों पर पेंटिंग और footpaths पर रंग रोगन किया जा रहा है। ऐसा माहौल तैयार किया जा रहा है कि रैली में आने वाला हर व्यक्ति इसे याद रखे।